वीआर पंजाब में ‘आर्ट बाज़ार ‘ आयोजित

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मोहाली (विनय कुमार ) वीआर पंजाब में चल रहा ‘आर्ट बाज़ार ‘  यहां संपन्न हो गया। “आर्ट बाज़ार” इस क्षेत्र के ऐसे उद्यमियों का एक अनूठा मेल था, जिन्होंने अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मकता को उपयोगी कला के रूप में प्रदर्शित किया, जिसमें शामिल थे परिधान, जूते और बैग, सेमी प्रीशियस ज्वेलरी, घर एवं उद्यान की चीजें, स्टेशनरी तथा और भी काफी कुछ। यह वीआर पंजाब में महीने भर चलने वाले पंजाब आर्ट इनिशिएटिव (पीएआई) 2019 के एक भाग के रूप में आयोजित किया गया था। आर्ट बाज़ार वीआर पंजाब की एक पहल थी, जिसके आयोजन में द वैनिटी बॉक्स काविशेष सहयोग रहा । दो दिन चली इस बहुमूल्य कला प्रदर्शनी में 25 से अधिक कलात्मक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया । ‘आर्ट बाज़ार ‘  में विभिन्न उत्पादों के माध्यम से कला, शिल्प और रचनात्मकता को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी विभिन्न कलाकारों, फैशन डिजाइनरों और हस्तशिल्पकारों के रचनात्मक प्रयासों का एक शोकेस थी। प्रदर्शनी ने हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए प्राकृतिक रूप से और व्यवस्थित तरीके से निर्मित उत्पादों के उपयोग के विचार और महत्व को भी बढ़ावा दिया, ‘  प्रिया जगत, आर्ट बाज़ार की क्यूरेटर एवं द वैनिटी बॉक्स की संचालक ने कहा ।’ आर्ट बाज़ार ‘  ने ऐसी महिला शिल्पकारों को लोकप्रिय बनाने और लाइमलाइट में लाने की भी पहल की, जिनकी कला विलुप्त होती जा रही है । इस मकसद को ध्यान में रखते हुए ‘सब तेरा ‘  फाउंडेशन ने एक स्टाल लगाया। यह फाउंडेशन चंडीगढ़ के आस-पास गांवों में रहने वाली वंचित समुदायों की महिलाओं को सशक्त बनाता है । यह कारीगरों के समुदाय के पुनर्निर्माण की आशा के साथ विलुप्त होते कला रूपों को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रहा है, जो इस कौशल को अपनी भावी पीढिय़ों तक पहुंचा सकते हैं । इस प्रकार, शिल्प को जीवित रखने की कोशिश की जा रही है । कांच की पेंटिंग, कलात्मक स्टेशनरी, बच्चों के लिए आकर्षक वस्तुएं, रंगबिरंगे कपड़े और घरेलू सामान यहां प्रदर्शित थे, जिन्हें दस्तकारों ने बड़े जतन से तैयार किया था । ऐसी वस्तुओं ने परिवार के सभी सदस्यों को आकर्षित किया । कुछ बहुत ही अनोखे संग्रह यहां प्रस्तुत किये गये थें । ‘सिम्पली ग्लासिक ‘  दिल्ली यहां ट्रे और अन्य घरेलू चीजों पर ग्लास पेंटिंग लेकर आया था। ‘नायब अल – हाउस ऑफ प्रीशियस आर्ट ‘  संगमरमर में पारंपरिक भारतीय कला के साथ आया था  । उनके पास सजावटी प्लेटें, मोमबत्ती-स्टैंड, लैंप, कटोरे और बहुत कुछ था । द ब्लूमरी पर विभिन्न प्रकार की ताजा ओरिएंटल और एशियाई लिली मौजूद थीं । क्राफ्टी ट्रीट पर हाथ से बने डिकूपेज थें, जो पेपर कट-आउट और हैंड पेंटेड सहायक उपकरणों के साथ वस्तुओं को सजाने की कला है । कारीगरी, चंडीगढ़ के पास चिकनकारी की वस्तुएं थीं । बच्चों के लिए स्कू बू में विचित्र और मजेदार स्टेशनरी और अन्य पिक-अप मौजूद थीं । ‘बंक पेज ‘ , दिल्ली ने नोटबुक और डायरियों पर बनी आर्ट लेकर आया है। क्रिएटिव स्पेसेस द्वारा आर्ट एंड डेकोर में कला से प्रेरित प्लांटर्स, घर और बगीचे की वस्तुएं थीं । ‘अदिति क्रिएशन ‘  में बगीचों, घर के अंदर, छतों, बालकनियों के लिए आदर्श ग्लास प्लांटर्स थें । सौम्या द्वारा डिजाइन वस्त्रों पर ऑफबीट चांदी और सोने के टुकड़ों से दस्तकारी की गयी थी । उल्लेखनीय है कि वीआर पंजाब अपनी स्थानीय कनेक्टिंग कम्युनिटीज पहल के एक हिस्से के रूप में पंजाब कला पहल की मेजबानी करता है, एक ऐसा प्रोजेक्ट जिसका उद्देश्य नागरिक गौरव को प्रोत्साहित करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पंजाब की छवि को बढ़ाना है । इस पहल ने वीआर पंजाब को कलात्मक गतिविधियों के केंद्र में बदल दिया है । प्रमुख संस्थानों और प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ भागीदारी के माध्यम से स्थापित प्रतिष्ठानों का एक संग्रह यहां प्रदर्शित है ।

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