अन्य किसानों को अपील फसलों के अवशेष को आग न लगाएं व दूसरे किसानों को भी करें जागरूक

पंजाब सरकार की तरफ से पूरे पंजाब में विशेष  मुहिम चला कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि खेतों में फसलों की अवशेष को आग न लगाई जाए, सरकार की इस मुहिम में वह किसान जिन्होंने कभी भी आज तक अपने खेतों में फसलों के अवशेष को आग नहीं लगाई विशेष भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से एक हैं विक्रांत सैनी नंबरदार गाँव पक्खोचक्क जिला पठानकोट जो सरकार के इस अभ्यान में अपना विशेष सहयोग दे रहा है ,इस का उद्दहारण मिलता है कि विक्रांत सैनी ने आज तक अपने खेतों में कभी भी फसलों के अवशेष को आग नहीं लगाई और अन्य किसानों को फसलों के अवशेष को आग न लगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।विक्रांत सैनी नंबरदार ने बताया कि उनकी गाँव पक्खो चक्क जिला पठानकोट में जमीन है जिस पर वह लम्बे समय से खेती करते आ रहे हैं इस समय भी करीब 10-12 एकड़ धान की फसल लगाई गई है। इस के अतिरिक्त गन्ने की फसल अलग से लगाई गई है। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से आज तक कभी भी अपने खेतों में धान की पराळी, गेहूँ व गन्ने के अवशेष आदि को कभी भी आग नहीं लगाई और फसलों की बढिय़ा पैदावार प्राप्त कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि कृषि विभाग पठानकोट की तरफ से भी कृषि विशेषज्ञ समय समय पर जागरूकता कैंप लगा कर व उनके क्षेत्रों का दौरा करके जागरूक करते रहते हैं। उन्होंने  बताया कि जो कृषि विशेषज्ञ उनको जानकारी दे कर जाते हैं वह वही जानकारी अन्य किसानों को भी देते हैं तांकि वह भी जागरूक होकर फसल की बढिया पैदावार ले सकें।उन्होंने कहा कि जिला पठानकोट में बहुत कम देखने को मिलता है कि किसान खेत में पराळी या नाडी को आग लगाते हैं इस का एक कारण यह भी है कि क्षेत्र में गुज्जर भाईचारे के लोग पराळी इक_ी कर लेते हैं जो थोड़ी बहुत अवशेष खेतों में रह जाती है उनको वह खेतों में हल चलाकर मिला देते हैं।
उन्होंने किसान भाइयों को भी अपील करते हुए कहा कि पराळी को आग न लगाए। उन्होंने कहा कि इस समय करोना वायरस की बीमारी के उस दौर में से गुजर रहे हैं यहां पर फसलों के अवशेष को आग लगा कर हम करोना को और बढने का निमंत्रण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से एक ही अपील है कि  जागरूक बनो, पराळी और नाड़ को आग न लगाए।

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