पंजाब सरकार के आबकारी एवं कर विभाग की ओर से वर्ष 2013-14 से लेकर 2016-17 तक के असैस्मेंट केसों में व्यापारियों को सी एवं अन्य फार्म जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिसका व्यापारियों की ओर से पुरजोर विरोध किया जा रहा है। इस संबंधी व्यापार मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एल.आर सोढी, प्रदेश सचिव सुनील महाजन, अध्यक्ष नरेश अरोड़ा, जिला प्रभारी भारत महाजन, चेयरमैन चाचा वेद प्रकाश, पेंट, हार्डवेयर, आयर्न व सेनेटरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र महाजन ने अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान पहले ही व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह प्रभावित है और ऊपर से आबकारी एवं कर विभाग द्वारा जारी किए जा रहे फरमान उनकी चिंताओं को और बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा व्यापारियों को दिए जा रहे असैस्मेंट केसों के नोटिस में सी, एफ, एच आदि जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है अन्यथा उन्हें टैक्स के साथ बनता ब्याज भी देना पड़ेगा जोकि सरासर गलत है क्योंकि कोरोना काल में जहां व्यापारियों के लिए अपने कारोबार चलाना मुश्किल है, उन हालातों में पिछले वर्षों के संबंधित फॉर्म इक_े करना उनके लिए नामुमकिन हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ पठानकोट का अधिकतर कारोबार हिमाचल एवं जम्मू-कश्मीर के साथ जुड़ा हुआ है और अनलॉक के बावजूद अभी तक जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा पाबंदियां लागू करने से वहां आने-जाने में व्यापारियों को परेशानियां आ रही है। इन हालातों में वह कहां से ‘सी’ एवं अन्य फार्म इक्ट्ठे करेंगे और कैसे उन्हें विभाग में करवा सकते है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की उक्त समस्या का समाधान करवाने हेतु जल्द ही संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें उनसे मांग की जाएगी कि किसी स्कीम के तहत टैक्स की राशि कम करके इन असैस्मैंट केसों को समाप्त किया जाए। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि कारोबार प्रभावित होने के कारण पहले चिंता में डूबे व्यापारियों को अगर विभाग ने व्यापारियों को नोटिस भेज करके परेशान करने की कोशिश की तो वह विभाग का घेराव करके अपना रोष जाहिर करेंगे।

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