पठानकोट : चितपूर्णी मेडिकल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में सेहत विभाग की ओर से पांच वेंटिलेटर मुहैया करवाए गए हैं। जो गंभीर कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। जिले के एक भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। लंबे समय से जिला विभाग की सरकार से इसकी मांग चल रही थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। अब इस वेंटीलेटरों के शुरू होने पर कोरोना मरीजों की मौत पर अंकुश लगेगा और प्रत्येक व्यक्ति इसकी सुविधा लेकर कोरोना जैसी बीमारी पर विजय हासिल करेगा। अस्पताल में पांच कोरोना पीड़ित तोड़ चुके दम

जब से कोरोना संकट शुरू हुआ है तभी से चितपूर्णी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में वेंटिलेटर सुविधा नहीं थी और इस सुविधा के ना होने से पांच के करीब अब तक अस्पताल के अंदर ही कोरोना पीड़ित दम तोड़ चुके है। इनके इलावा बाकी जिन कोरोना मरीजों की मौत हुई है उनकी दूसरे जिलों के अस्पतालों में हुई है। आइसोलेशन वार्ड में 103 कोरोना पीड़ित, 33 की हालत गंभीर

चितपूर्णी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में अब तक 103 के करीब कोरोना पीड़ितों का उपचार चल रहा है। उनमें 33 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आक्सीजन पर रखा गया है, जिन्हें कभी भी वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। तीन-चार दिनों में शुरू होगी वेंटीलेटर सुविधा

चितपूर्णी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इंचार्ज एसएमओ बधानी डॉ. सुनिता शर्मा ने बताया कि पीएम केयर फंड से भेजे गए वेंटीलेटरों को आइसोलेशन वार्ड में रखवा दिया गया है और विभाग एक अपनी स्पैशल टीम भेजेगा, जो इन वेंटीलेटरों को शुरू करेंगे। उसके बाद स्पैशल डॉक्टरों की टीम मुहैया करवाई जाएगी। विभाग कोशिश कर रहा है कि इन वेंटीलेटरों को तीन-चार दिनों तक शुरू करवा दिया जाए।

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