• रोजेन लॉ फर्म ने जुलाई में भी इसी तरह का मुकदमा एचडीएफसी बैंक के खिलाफ दायर किया था
  • बैंक पर आरोप है कि ऑटो लोन लेने वाले ग्राहकों पर बैंक ने व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस खरीदने का दबाव बनाया था

अमेरिका की लॉ फर्म रोजेन ने फिर से एचडीएफसी बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर कराया है। यह मुकदमा निवेशकों को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए दायर किया गया है। इससे पहले भी इसी फर्म ने जुलाई में एक मुकदमा दायर किया था। इस मुकदमे से एचडीएफसी बैंक की दिक्कत बढ़ सकती है। हालांकि बैंक ने इस तरह के आरोप को खारिज कर दिया है।

देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने भ्रामक दावों से जुड़े अमेरिका की एक विधिक कंपनी के आरोपों को खारिज किया है। इसके साथ ही बैंक ने मुकदमे का जमकर बचाव करने की बात कही है। बैंक ने कहा है कि इस मुकदमे पर वह अगले साल की शुरुआत तक जवाब तैयार कर लेगी। Rosen Legal ने पिछले सप्ताह बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर कर निवेशकों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति की मांग की है।

विधिक कंपनी ने एचडीएफसी बैंक पर ‘झूठी एवं भ्रामक’ जानकारी देने का आरोप लगाया है। Rosen Legal ने बैंक के सीइओ और मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य पुरी, उनके घोषित उत्तराधिकारी शशिधर जगदीशन और कंपनी सेक्रेटरी संतोष हलदनकर को बचावकर्ता बनाया है।  

बैंक ने कहा है कि एक छोटे प्रतिभूतिधारक ने उसके तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंज को जानकारी दी है, ”बैंक आरोपों को खारिज करता है और मुकदमे का जमकर बचाव करेगा।” 

शिकायत में क्षतिपूर्ति राशि का स्पष्ट उल्लेख नही हैं लेकिन कहा गया है कि ऐसा हो सकता है कि हजारों निवेशकों को नुकसान हुआ हो।

जिला कोर्ट में दायर किया है मुकदमा

रोजेन लॉ फर्म ने यह केस अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया है। बैंक पर आरोप लगाया है कि वह एक ऐसी योजना की साजिश में जानबूझकर या लापरवाही से शामिल हैं जो निवेशकों के साथ धोखाधड़ी है। बैंक के खिलाफ यह शिकायत 31 जुलाई 2019 से लेकर 10 अगस्त 2020 तक बैंक के सिक्योरिटीज खरीदने वाले निवेशकों ने किया है।

तीन अधिकारियों का भी मुकदमे में नाम

लॉ फर्म ने एचडीएफसी बैंक, वर्तमान एमडी आदित्य पुरी और आनेवाले नए एमडी शशिधर जगदीशन और कंपनी सचिव संतोष हलदनकर के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया है। रोजेन का कहना है कि एचडीएफसी बैंक ने गलत स्टेटमेंट दिया था, जिसकी वजह से निवेशकों को नुकसान हुआ है। इसलिए बैंक को निवेशकों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।

13 जुलाई को व्हीकल बिजनेस में गड़बड़ी

इससे पहले 13 जुलाई को एचडीएफसी बैंक ने कहा था कि व्हीकल फाइनेंसिंग विभाग के तब के बिजनेस हेड अशोक खन्ना की गड़बड़ियों के खिलाफ वह कार्रवाई करने वाला है। बैंक पर आरोप है कि ऑटो लोन लेने वाले ग्राहकों पर बैंक ने व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस खरीदने का दबाव बनाया था। इस खबर से 13 जुलाई को बैंक के अमेरिकी डिपॉजिटरी शेयर (एडीआर) की कीमत 2.83 फीसदी गिरकर 47.03 डॉलर प्रति शेयर पर आ गई थी।

लॉ फर्म ने बैंक पर लगाया आरोप

लॉ फर्म ने बैंक पर आरोप लगाया है कि उसके पास पर्याप्त डिसक्लोजर कंट्रोल नहीं है जिसकी वजह से व्हीकल फाइनेंस कंपनी के कामकाज में गड़बड़ियां हुई हैं। रोजेन ने यह भी कहा कि इन मामलों के उजागर होने के बाद इसका असर व्हीकल फाइनेंसिंग कामकाज से होने वाली कमाई पर पड़ी। इसका नेगेटिव असर बैंक के फाइनेंशियल और रेपुटेशन पर पड़ा है।

बैंक ने गलत तरीके से कारोबार किया

कुछ मीडिया खबरों में कहा गया है कि बैंक ने कथित रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार का सहारा लिया। इसके लिए बैंक जून में समाप्त पहली तिमाही में विश्लेषकों के मुनाफे के अनुमान से भी चूक गया। हालांकि शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि क्षतिपूर्ति की कितनी राशि की मांग की गयी है। उसमें कहा गया है कि एचडीएफसी बैंक के भ्रामक दावे के कारण हजारों निवेशकों को चूना लगा है।

बैंक ने कहा बचाव करेगी

बैंक ने कहा कि वह मामले में अपना बचाव ‘जोरदार’ तरीके से करेगी। इसका जवाब अगले साल की शुरुआत तक तैयार हो जाएगा। बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा उसके एक छोटे से सिक्योरिटीज होल्डर ने यह मामला दर्ज किया है। यह मुकदमा जुलाई में बैंक की अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (एडीआर) में गिरावट आने के मामले में दायर किया गया है। बैंक ने शेयर बाजार को भेजी सूचना में कहा है कि वह इन आरोपों को दरकिनार करते हुए खुद का जोरदार तरीके से बचाव करेगी।

By Desk

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