शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कृषि से जुड़े विधेयकों का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी राजग में रहने या नहीं रहने को लेकर बाद में पार्टी की एक बैठक में निर्णय लेगी। संसद के बाहर संवाददाताओं से बादल ने कहा कि शिअद किसानों और उनके कल्याण के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भविष्य के कदम और भाजपा नीत राजग गठबंधन में रहने या नहीं रहने को लेकर बाद में पार्टी की बैठक में निर्णय लिया जाएगा

पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव का समय पास आने के साथ ही राजनीति भी अब करवट लेने लगी है। वीरवार को हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफे के बाद सूबे की सियासत में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या 2022 में अकाली दल -भाजपा अलग अलग चुनाव मैदान में उतरेंगे।

अकाली दल व भाजपा के तमाम दिग्गज कह रहे हैं कि चुनाव में अभी वक्त है, जल्दबाजी में ऐसे फैसले नहीं लिए जाते। वहीं, अकाली दल के नेता दबी जुबान में कह रहे हैं कि हमें भाजपा पर अपना दबाव तो बनाना ही पड़ेगा, अन्यथा विधानसभा चुनावों में भाजपा आधी सीटों की मांग कर सकती है और डिप्टी सीएम पद का दावा भी ठोक सकती है।

ऐसे में भाजपा को अभी से जमीन पर उतरना होगा ताकि उनको यह समझ में आ जाए कि शिअद भाजपा का पिट्ठू नहीं है।कुछ समय पहले ही भाजपा के दिग्गज नेता मदन मोहन मित्तल ने कहना शुरू कर दिया था कि पार्टी सूबे में अपनी सरकार बनाएगी और अकाली दल से अब 23 सीटों पर बात नहीं होगी बल्कि भाजपा तय करेगी कि अकाली दल को कितनी सीटें दी जाएं।

अकाली दल और भाजपा द्वारा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाला, जहरीली शराब से मौत की घटना आदि को लेकर आयोजित धरने में दोनों दल एक साथ नहीं दिखे।

अकाली दल से ली गई थी सहमति: कालिया

पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया का कहना है कि भाजपा व अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक में तीनों कृषि अध्यादेशों पर गहन विचार किया गया। अध्यादेश पास करने से पहले अकाली दल की पूरी सहमति ली गई थी। शिअद  ने फसलों का एमएसपी खत्म न करने की मांग की थी, इस पर केंद्र सरकार ने साफ कर दिया था कि एमएसपी खत्म नहीं होगा। अकाली दल की सहमति के बाद ही अध्यादेश पास करवाया गया।

हरसिमरत को मंत्रिमंडल की बैठक में आपत्ति जतानी चाहिए थी: भगत

भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कीमती भगत का कहना है कि अकाली दल ने भाजपा के साथ 10 साल पंजाब में क्या किया, वह किसी से छिपा नहीं है। भाजपा मंत्री ने तो कभी इस्तीफे नहीं दिए। अगर बिल किसान विरोधी थे तो हरसिमरत कौर बादल को मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर आपत्ति करनी चाहिए थी।

बढ़ सकती है वर्करों में दूरी: बराड़

अकाली दल के प्रवक्ता चरणजीत सिंह बराड़ का कहना है कि बीबी हरसिमरत कौर ने इस्तीफा दिया है और भाजपा को यह सोचना पड़ेगा कि इस्तीफा किसानों के हित में दिया गया है। 2022 के चुनाव अभी दूर हैं और दोनों दलों की कोर कमेटी व समन्वय कमेटी की बैठक होगी, जिसमें कई फैसले होंगे। लेकिन इससे भाजपा -अकाली दल के वर्करों में दूरियां बननी तय है।

गठबंधन तोड़ने में जल्दबाजी नहीं: चीमा

अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा का कहना है कि 2022 के चुनाव एक साथ लड़े जाएंगे। किसानों के हित में अकाली दल खड़ा रहेगा। 2022 के चुनावों से पहले पार्टी हाईकमान की बैठक होगी, एनडीए की बैठक में फैसले होंगे लेकिन गठबंधन तोड़ने में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।

हरसिमरत कौर बादल ने अपने इस्‍तीफे में उठाए ये बिंदु –

  1. हरसिमरत ने अपने इस्तीफे में कहा, किसानों को विश्वास में लेने और उनकी आशंकाओं और चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार को राजी करने का भरसक प्रयास करती रही।
  2. पहले सरकार में मुझे यह संकेत दिया गया था कि चूंकि अध्यादेश केवल एक अस्थायी व्यवस्था है, इसीलिए संसद में इस मुददे पर कानून बनाते समय ध्‍यान दिया जाएगा। उसमें मेरी चिंताओं और दलीलों का समाधान किया जाएगा। लेकिन सरकार ने किसानों को विश्वास में नहीं लिया है। यह मामला सिलेक्ट कमेटी को देना चाहिए था।
  1. उन्होंने प्रधानमंत्री का कई अन्‍य मुद्दों पर आभार जताया। उन्‍हाेंने कहा, मैं आभारी हूं कि प्रधानमंत्री ने सिख समुदाय के कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से चले आ रहे मुददों को संबोधित करने और उन्हे पूरा करने में सफल रहे हैं।
  2. उन्‍होंने लिखा- 1984 के कत्लेआम के हजारों निर्दोष पीड़ितों में बचे लोगों ने आखिरकार आशा की किरण और न्याय की झलक देखी। विदेशों में सिखों की काली सूची को समाप्त करने ,लंगर पर जीएसटी माफ करने, एफआरसीए के तहत दरबार साहिब में विदेशी दान देने का सरकार का फैसला हमारे द्वारा उठाए गए मुद्दों के बाद लिया।
  1. ह‍रसिमरत ने अपने त्‍यागपत्र में लिखा- एनडीए के कार्यकाल में पंजाब को एम्स (बठिंडा), आइआइएम, (अमृतसर), पीजीआइएचआरई (अमृतसर) तथा राज्य के लि, मंजूर प्रोजेक्टों के साथ अभूतपूर्व स्थलों के लिए विश्वस्तरीय राजमार्गों और सुपर राजमार्गों का एक नेटवर्क दिया गया।
  2. केंद्र सरकार की पंजाब के लिए किए गए कार्यों का उल्‍लेख करते हुए हरसिमरत कौर बादल ने लिखा- मोहाली, बठिंडा और आदमपुर में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अडडा, नांदेड़ साहिब में पवित्र तख्त साहिब के दर्शन के लिए कुछ उड़ानें भी उपलि‍ का हिस्सा हैं।
  1. सिख समुदाय के लिए सबसे यादगार पल करतारपुर साहिब कॉरिडोर के ऐतिहासिक उदघाटन करने को लेकर हुआ।

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