पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने आज स्मार्ट राशन कार्ड योजना लॉन्च कर दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी में 90 जगहों पर इस योजना को शुरू किया गया है। इस कार्ड पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की फोटो प्रिंट है। इस कार्ड की खास बात ये है कि आप इसके माध्यम से किसी भी डिपो से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। स्वैपिंग के लिए इस कार्ड में एक चिप लगाई गई है। इस स्मार्ट कार्ड को बनाने के लिए आधार कार्ड के डाटा का इस्तेमाल किया गया है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लाभार्थी के साथ होनेे वाली धोखाधड़ी की संभावना ना के बराबर हो जाएगी।   

इस दौरान कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इस योजना से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। लाभार्थियों को किसी भी डिपो से राशन खरीदने की आजादी मिलेगी। उन्होंने इसे लाभार्थी को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे बेईमान राशन डिपो धारकों द्वारा लाभार्थियों के शोषण को समाप्त किया जा सकेगा। स्मार्ट राशन कार्ड लाभार्थी को अधिकार देता है कि वह पंजाब राज्य के किसी भी राशन डिपो से खाद्यान्न का अपना कोटा प्राप्त कर सके।

इससे पूूर्व, लुधियाना में फूड सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशू ने ऑनलाइन सिस्टम द्वारा इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि स्मार्ट राशन कार्ड योजना वर्ष 2013 में केंद्र की तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने बनाई थी। मंत्री आशू ने बताया कि प्रदेश में 3,70,0000 कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे डेढ़ करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार गरीबों की भलाई के लिए सदैव तत्पर रही है और आगे भी गरीबों की भलाई में काम करती रहेगी। आशू ने कहा कि जिस तरह वर्तमान समय में गेहूं वितरण में पारदर्शिता लाई गई है मशीन में पंच करने के बाद गेहूं का वितरण हो रहा है उसी तरह स्मार्ट राशन कार्ड के माध्यम से भी कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्ड से कोई कहीं से भी सामान ले सकता है।

वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि वित्तीय संकट के बावजूद राज्य सरकार नेे एक और वादे को पूरा किया है।पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ ने कहा कि सार्वजनिक खाद्य वितरण की एक पारदर्शी प्रणाली को लागू करने की यात्रा बहुत कठिन थी, क्योंकि पिछली सरकार ने एक भ्रष्ट और एकाधिकार वाली व्यवस्था लागू कर दी थी।

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