भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चार महीनों से तनाव के हालात हैं। रेजांग ला के पास ताजा गतिरोध के बाद लगता है कि चीन कुछ बड़ा करने के फिराक में है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सीमा पर देशभर से सैनिकों को इकट्ठा कर रही है। इसमें एयर डिफेंस जवान, बॉम्बर्स, स्पेशल फोर्स के जवान, बख्तरबंद गाड़ियां, आर्टिलरी, पैराट्रूपर्स, पैदल सेना की इकाइयों आदि शामिल हैं।

चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, पड़ोसी देश के विश्लेषकों ने कहा कि यह कदम पीएलए की क्षमता और देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प दिखाता है। पीएलए सेंट्रल थिएटर कमांड एयर फोर्स से जुड़े एच -6 बॉम्बर्स और वाई -20 बड़े परिवहन विमान को ट्रेनिंग मिशन के लिए पठारी क्षेत्र में तैनात किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी चीन के रेगिस्तानी इलाकों और दक्षिण-पश्चिम चीन में युद्धाभ्यास, लाइव फायर ड्रिल्स, तैनाती अभ्यास आदि हो रहे हैं। चीन ने यह कदम अगस्त के आखिरी में लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश नाकाम होने के बाद उठाया है।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, पीएलए 71वीं समूह सेना से जुड़ी एचजे -10 एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम ने हाल ही में पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत से उत्तर-पश्चिम चीन के गोबी रेगिस्तान तक हजारों किलोमीटर की दूरी तय की, जबकि पीएलए तिब्बत मिलिट्री कमांड ने चौबीसों घंटे ब्रिगेड संयुक्त अभ्यास किया। वहीं, सीसीटीवी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि पीएलए 71वीं ग्रुप आर्मी के तहत एयर डिफेंस ब्रिगेड भी उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में इकट्ठी हुई, जहां पर लाइव फायर ड्रिल्स की गईं। इस दौरान एंटी-एयरक्राफ्ट गन्स और मिसाइल का भी इस्तेमाल किया गया।

इसके अलावा, सीसीटीवी ने पिछले सप्ताह बताया था कि पैराट्रूपर्स और वायुसेना के परिवहन विमान ने हाल ही में एक बहुआयामी क्षेत्र पर कब्जा करने और नियंत्रण करने का भी अभ्यास किया था। इसे उत्तर पश्चिम चीन के रेगिस्तान में आयोजित किया गया था। वहीं, ग्लोबल टाइम्स ने जब इसको लेकर बीजिंग के सैन्य जानकार से बात की तो उन्होंने बताया कि उलटा भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसी देश सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ चीन के साथ बातचीत की मेज पर और अधिक सौदेबाजी की कोशिश कर रहा है।

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