सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर पर अभद्र टिप्पणी करने वाला प्रशांत कनौजिया पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में सोमवार को केस दर्ज होने के बाद प्रशांत कनौजिया को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।

प्रशांत कनौजिया के खिलाफ समाज में जहर घोलने वाली टिप्पणी करने के साथ अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया था। सोशल मीडिया के जरिये वैमनस्य फैलाने को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज मामले में आरोपित प्रशांत कनौजिया को उत्तर प्रदेश पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपित ने सुशील तिवारी के नाम से अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया था कि राम मंदिर में ओबीसी व एससी/एसटी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा और सभी लोग इसके खिलाफ आवाज उठाएं।

राम मंदिर को लेकर सोशल मीडिया में विवादास्पद ट्वीट करने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनोजिया को दक्षिणी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। प्रशांत कनौजिया ने सोमवार को राम मंदिर को लेकर विवादित ट्वीट किया था। इस मामले में 17 अगस्त को लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, प्रशांत कनौजिया ने 17 अगस्त को ट्विटर पर ट्वीट के जरिये राम मंदिर को लेकर जातिसूचक टिप्पणी की थी। पुलिस के अनुसार, ऐसे ट्वीट से शांति-व्यवस्था भंग हो सकती है, इसलिए उसके खिलाफ आइटी एक्ट, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एफआइआर में यह भी कहा गया है कि लोगों को गुमराह करने व सामाजिक वैमनस्य फैलाने के लिए उसने हिंदू आर्मी के सुशील तिवारी के फेसबुक पर लिखी गई एक पोस्ट से छेड़छाड़ कर उसे गलत तरीके से पेश किया और ट्विटर व विभिन्न वाट्सएप ग्रुपों पर शेयर किया। इसके जरिये उसने सुशील तिवारी को भी बदनाम करने का प्रयास किया।


गौरतलब है कि प्रशांत पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर चुका है। ऐसे मामलों में उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले भी पत्रकार प्रशांत कनौजिया को सोशल मीडिया में वर्ग विशेष पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था। इस बार प्रशांत कनौजिया ने पीएम नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के साथ अयोध्या के राम मंदिर की फर्जी फोटो वायरल कर ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग में जहर फैला रहा था। इस मामले में कल ही केस दर्ज किया गया था और आज ही लखनऊ पुलिस ने दिल्ली वाले आवास से गिरफ्तार किया। इससे पहले भी प्रशांत के खिलाफ लखनऊ के ही आशियाना थाने में भी केस दर्ज है।

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